Maha Shivratri 2026 Mata Parvati Ki Aarti: आज महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में भव्य शिव बारात भी निकाली जाती है। महाशिवरात्रि के मौके पर कई मंदिरों में महादेव का विशेष शृंगार किया जाता है। इस पावन दिन उपवास रखने और भगवान शिव और माता गौरी की आराधना करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। वहीं कुंवारी कन्याओं के सुयोग्य और मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की आरती भी अवश्य करें। पाता पार्वती की आरती करने से आपको शिवरात्रि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता।
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता।
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं? नोट कर लें एक-एक पूजा सामग्री
संपादक की पसंद